शतरंज में भारत की नई शान: दिव्या देशमुख 88वीं ग्रैंडमास्टर, विश्व कप जीत पर हुआ भव्य सम्मान

नई दिल्ली: 19 वर्षीय भारतीय शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख को जॉर्जिया के बाटुमी में आयोजित फिडे महिला विश्व कप 2025 जीतकर इतिहास रचने के लिए सम्मानित किया गया है। दिव्या ने फाइनल में अपनी ही हमवतन दिग्गज कोनेरू हम्पी को रैपिड टाई-ब्रेक में 1.5-0.5 से हराकर यह प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। इस जीत के साथ, वह फिडे महिला विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।

यह जीत दिव्या के लिए एक और बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि वह अब भारत की 88वीं ग्रैंडमास्टर भी बन गई हैं। इससे पहले, कोनेरू हम्पी, द्रोणावल्ली हरिका और आर. वैशाली ने यह खिताब हासिल किया था। दिव्या ने इस टूर्नामेंट में 50,000 डॉलर (लगभग 42 लाख रुपये) की पुरस्कार राशि भी जीती है।

दिव्या देशमुख को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया सहित कई गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सम्मानित किया गया है। संसद के दोनों सदनों में भी उनकी इस उपलब्धि के लिए सराहना की गई। नागपुर में भी दिव्या का भव्य स्वागत किया गया, जहाँ उनके शहरवासियों ने उन्हें चैंपियन के रूप में घर लौटने पर जोरदार अभिनंदन किया।

यह जीत भारतीय शतरंज के लिए एक मील का पत्थर है और दिव्या देशमुख ने अपनी कम उम्र में ही असाधारण कौशल और दृढ़ता का प्रदर्शन करके युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा स्थापित की है। उनकी इस सफलता से भारत में महिला शतरंज को और अधिक लोकप्रियता मिलने की उम्मीद है।