रिपोर्ट प्रस्तुत ना करने वाले अधिकारियों का वेतन रोकने के डीएम ने दिए निर्देश

हरिद्वार: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में अवैध अतिक्रमण हटाये जाने के सम्बन्ध में बैठक आयोजित हुई।

बैठक में जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय ने पूर्व में दिये गये निर्देश के सम्बन्ध में प्रत्येक विभाग के अधिकारियों से सिलसिलेवार विस्तृत जानकारी ली। इस पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पीएल शाह ने बताया कि कुछ विभागों द्वारा अभी तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गयी है, जिस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी प्रकट करते हुये निर्देश दिये कि जिन विभागों के अधिकारियों द्वारा अभी तक शासकीय भूमि, सम्पत्तियों पर अनधिकृत कब्जा होने अथवा हटाये जाने के सम्बन्ध में रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है, ऐसे विभागों के अधिकारियों का वेतन रोक दिया जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ हरिद्वार शहर में जगह-जगह हुए अतिक्रमण के सम्बन्ध में चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अतिक्रमण चिह्नीकरण आदि के लिये लोक निर्माण, नगर निगम, पुलिस, राजस्व सहित सम्बन्धित विभागों की संयुक्त टीम गठित की जाए, जिसके नोडल अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट होंगे। जो कल से ही विधिवत चिह्नीकरण का कार्य प्रारम्भ करेंगे तथा जिसकी प्रतिदिन की रिपोर्ट उन्हें प्रस्तुत करेंगे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को ये भी निर्देश दिये कि अवैध अतिक्रमण से सम्बन्धित सभी दस्तावेज मौके पर मौजूद रहने चाहिये, उसी अनुसार जितना भी अतिक्रमण किया गया है, उस पर लाल निशान स्पष्ट रूप से अंकित किया जाये। तत्पश्चात सम्बन्धित को तुरन्त निर्धारित समय देते हुये नोटिस प्रेषित की जाये। उन्होंने कहा कि अब अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में ढिलाई बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) बीर सिंह बुदियाल, सचिव एचआरडीए उत्तम सिंह चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी पूरन सिंह राणा, एसडीएम लक्सर गोपाल राम बिनवाल, एसडीएम भगवानपुर वैभव गुप्ता, उप जिलाधिकारी रूड़की विजयनाथ शुक्ल, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, डीएफओ मयंक शेखर झा, महाप्रबन्धक उद्योग पल्लवी गुप्ता, अधिशासी अभियन्ता लोक निर्माण सुरेश तोमर, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई मंजू, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजीव गर्ग, अधिशासी अभियन्ता विद्युत सहित जनपद के सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।