दीपावली से पहले हरिद्वार में दौड़ेंगी ‘गंगा सारथी’ गोल्फ कार्ट, 20 रुपये में गंगा दर्शन

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में मां गंगा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अब लंबी दूरी पैदल तय करने से राहत मिलने वाली है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और नगर आयुक्त नंदन कुमार की पहल पर नगर निगम दीपावली से पहले ‘गंगा सारथी’ इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट सेवा शुरू करने की तैयारी में है। शुरुआती चरण में 20 इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट संचालित करने की योजना है।

हरकी पैड़ी और आसपास के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित इस सेवा का विशेष लाभ बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांगजनों को मिलेगा। त्योहारों और विशेष पर्वों पर उमड़ने वाली भीड़ के बीच यह व्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक विकल्प बन सकती है।

ढाई किलोमीटर के दायरे में संचालन

नगर आयुक्त नंदन कुमार के अनुसार, करीब ढाई किलोमीटर के दायरे में गोल्फ कार्ट चलाने की योजना है। पहले चरण में मुख्य डाकघर से हरकी पैड़ी तक और दूसरे चरण में हरकी पैड़ी से भीमगोड़ा कुंड तक सेवा संचालित करने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित किराया मुख्य डाकघर से हरकी पैड़ी और हरकी पैड़ी से भीमगोड़ा कुंड तक प्रति यात्री 20 रुपये निर्धारित किया गया है। स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के लिए मासिक पास तथा विशिष्ट अतिथियों के लिए वीआईपी पास की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

जीपीएस और सुरक्षा उपकरणों से लैस होंगी कार्ट

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए गोल्फ कार्ट में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, अग्निशमन उपकरण और प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध कराने की योजना है। भीड़भाड़ वाले मार्गों पर यातायात प्रबंधन और यात्रियों की सहायता के लिए प्रत्येक 100 मीटर पर मार्शल तैनात करने का भी प्रस्ताव है। यात्रियों की सुविधा के लिए मुख्य डाकघर के पास, हरकी पैड़ी और एक अन्य प्रमुख स्थान पर टिकट काउंटर स्थापित किए जाएंगे। वहीं, सर्वानंद घाट के निकट मुख्य चार्जिंग स्टेशन एवं मेंटेनेंस सेंटर और हरकी पैड़ी पर गुरु के लंगर के पास सब-स्टेशन बनाने की योजना है।

प्रदूषण से राहत, श्रद्धालुओं को सहूलियत

बैटरी से संचालित इलेक्ट्रिक गोल्फ कार्ट से स्थानीय स्तर पर धुएं का उत्सर्जन नहीं होगा और ध्वनि प्रदूषण भी कम होगा। इससे गंगा तट और आसपास के धार्मिक क्षेत्रों में स्वच्छ एवं शांत वातावरण बनाए रखने में मदद मिल सकती है। दीपावली से पहले सेवा शुरू करने की तैयारी है। हालांकि, प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार इसके संचालन से जुड़ी तैयारियां पूरी होने के बाद ही श्रद्धालुओं को इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा।