शिमला/किन्नौर: हिमाचल प्रदेश में सितंबर के आखिरी हफ्ते में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला (IMD) ने राज्य के 5 प्रमुख जिलों के लिए अगले कुछ घंटों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की ताजा बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग की ओर से जारी हाई अलर्ट के बाद प्रदेश भर में स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के अचानक सक्रिय होने से प्रदेश के लाहुल-स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा, मंडी और शिमला जिलों में मौसम तेजी से बदला है। लाहुल-स्पीति की पिन घाटी और किन्नौर के ऊपरी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि निचले व मध्य-पर्वतीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर शुरू हो चुका है। अचानक हुई इस बारिश और बर्फबारी के कारण पूरे प्रदेश में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे राज्य में समय से पहले ही ठंड का असर महसूस किया जाने लगा है।
विशेष रूप से जनजातीय जिला किन्नौर में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए आगामी घंटों में तेज बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है। किन्नौर के कल्पा, रिकांगपिओ और सांगला घाटी में घने काले बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग किन्नौर की रिपोर्ट के अनुसार, बारिश और बर्फबारी के कारण नेशनल हाईवे-5 (NH-05) सहित जिले के कई अंदरूनी संपर्क मार्गों पर भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा अत्यधिक बढ़ गया है।
खराब मौसम का सीधा असर क्षेत्र के किसानों और बागवानों पर पड़ रहा है। किन्नौर में इस समय सेब के तुड़ान का पीक सीजन चल रहा है। अचानक बारिश और तापमान में आई गिरावट से बगीचों में सेब सुखाने और मंडियों तक पहुंचाने का काम प्रभावित हो सकता है, जिससे बागवानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके अलावा तेज हवाओं और बारिश के कारण कई ग्रामीण इलाकों में बिजली के ट्रांसफार्मर ठप होने से बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए किन्नौर प्रशासन और मौसम विभाग ने आम जनता तथा पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतलुज नदी, स्थानीय खड्डों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की तरफ बिल्कुल न जाएं। साथ ही, ऊंचे पर्वतीय इलाकों में गैर-जरूरी यात्रा न करने की सख्त सलाह दी गई है। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिला आपदा प्रबंधन केंद्र किन्नौर को अलर्ट मोड पर रखा गया है और किसी भी अप्रिय घटना या सड़क बंद होने की स्थिति में तुरंत जिला कंट्रोल रूम को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।