देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) से आज नवनियुक्त सैनिक कल्याण निदेशक ब्रिगेडियर बी.एस. बसेड़ा (से नि) ने शिष्टाचार भेंट की। ब्रिगेडियर (से.नि.) दिग्विजय सिंह बसेड़ा तीसरी पीढ़ी के सैन्य अधिकारी रहे हैं। पिथौरागढ़ जिले के भंडारी गांव, देवलथल निवासी ब्रिगेडियर बसेड़ा ने 34 वर्षों का गौरवपूर्ण सैन्य करियर पूरा किया है। वे इससे पूर्व केंद्रीय सैनिक बोर्ड में सचिव के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
भेंट के दौरान राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखण्ड में पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दिशा में प्रौद्योगिकी और डिजिटलीकरण का अधिकतम उपयोग किया जाए, ताकि पूर्व सैनिकों को अनावश्यक कागजी कार्रवाई से राहत मिले और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।
राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों को ईसीएचएस सहित चिकित्सा सुविधाओं तथा सीएसडी से मिलने वाली सुविधाओं को और अधिक सुगम बनाने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से वरिष्ठ एवं बुजुर्ग पूर्व सैनिकों को सीएसडी की सुविधाएं उनके घर तक उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा, ताकि उन्हें लंबी दूरी तय कर कैंटीन आने और भीड़ में इंतजार करने की परेशानी से राहत मिल सके।
राज्यपाल ने निर्माणाधीन सैन्य धाम के बारे में भी जानकारी ली और कहा कि सैन्य धाम सैनिकों और उनके परिवारों के लिए आस्था एवं गौरव का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने सैन्य धाम के संचालन एवं उसके क्रियान्वयन को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य करने पर भी बल दिया। उन्होंने निदेशक से अन्य कई विषयों पर भी चर्चा की।