राज्यपाल ने नशामुक्त उत्तराखंड के लिए जारी किया ‘देहरादून घोषणा-पत्र’

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने लोक भवन में ‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘एक प्रयास-नशा मुक्त हो समाज’ कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने ‘नशामुक्त उत्तराखंड हेतु देहरादून घोषणा-पत्र’ जारी किया। घोषणा-पत्र में युवाओं को नशे से दूर रखने, नशामुक्त शैक्षणिक परिसर विकसित करने, परिवार की भूमिका मजबूत करने, उपचार एवं पुनर्वास तथा जनभागीदारी समेत 10 महत्वपूर्ण संकल्प शामिल किए गए हैं।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने नशे की रोकथाम, काउंसलिंग, उपचार और पुनर्वास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार साझा किए। विद्यार्थियों ने भी विशेषज्ञों से नशे से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाएं रखीं।

इस दौरान दून विश्वविद्यालय की ओर से प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। नाटक में युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन अपनाने का संदेश दिया गया। इस प्रस्तुति ने नशामुक्त समाज के संकल्प को और मजबूत किया।

राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की शक्ति युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और उनके सपनों में निहित है। युवा शक्ति को सही दिशा देकर स्वस्थ, सशक्त और नशामुक्त समाज का निर्माण करना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल, कौशल विकास, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण में लगाएं तथा अपने साथियों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही स्वस्थ, सशक्त और नशामुक्त उत्तराखंड के संकल्प को साकार किया जा सकता है।