देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आज सचिवालय में राजस्व वृद्धि को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने विभागवार लक्ष्य के सापेक्ष अर्जित राजस्व की समीक्षा करते हुए राजस्व बढ़ाने के नए प्रयासों और नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्य सचिव ने SGST विभाग को टैक्स चोरी रोकने के लिए AI आधारित जांच व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले चार से पांच महीनों में AI आधारित मैकेनिज्म तैयार करने को कहा। साथ ही कर संबंधी सभी विभागों के डाटा का आपस में इंटीग्रेशन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने परिवहन विभाग में ANPR कैमरों के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए। इसके अलावा सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में निबंधन एवं रजिस्ट्रेशन से संबंधित रिकॉर्ड और रखरखाव कार्यों का डिजिटाइजेशन करने को कहा, ताकि प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया जा सके।
मुख्य सचिव ने वन एवं गैर-वन क्षेत्रों में नए खनन लॉट चिन्हित करने तथा इसके लिए जिला प्रशासन का सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन निगम जिन खनन और टिम्बर लॉट पर कार्य नहीं कर पा रहा है, उन पर वन विभाग अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।
उन्होंने प्रदेश में जड़ी-बूटी क्षेत्र में आय की संभावनाओं का अध्ययन कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व के नए स्रोतों में कार्बन क्रेडिट और नए इको-टूरिज्म स्थलों के विकास को भी शामिल किया जाए।
मुख्य सचिव ने आमजन को टिम्बर की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। इसके लिए ITDA से तकनीकी सहायता लेने और आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, बृजेश कुमार संत, रणवीर सिंह चौहान, अपर सचिव हिमांशु खुराना, अनुराधा पाल और मनमोहन मैनाली सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।