संवाद ही हर संघर्ष का स्थायी समाधान, देवभूमि से शांति का संदेश दुनिया तक पहुंचे: राज्यपाल

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने बुधवार को लोक भवन में महावीरायतन फाउंडेशन द्वारा आयोजित ‘संवाद से समाधान’ कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व विभिन्न संघर्षों और चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब संवाद ही हर समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी, शांतिपूर्ण और स्थायी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जहां संवाद समाप्त होता है, वहीं से संघर्ष की शुरुआत होती है।

राज्यपाल ने भगवान महावीर स्वामी के जीवन-दर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने आत्मसंयम, अहिंसा, करुणा और समरसता का मार्ग दिखाकर मानवता को नई दिशा दी। उनके सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और समाज को शांति, सद्भाव तथा सह-अस्तित्व का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर का “जियो और जीने दो” का संदेश संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।

उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता में निहित एकता है, जो “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की मजबूत आधारशिला है। भारत की आत्मा उसकी समृद्ध संस्कृति और साझा मूल्यों में बसती है तथा संवाद और समरसता के माध्यम से ही सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। राज्यपाल ने कहा कि आज विश्व के कई हिस्से संघर्षों और अस्थिरता से प्रभावित हैं। ऐसे समय में देवभूमि उत्तराखंड से शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश पूरे देश ही नहीं, बल्कि विश्व तक पहुंचना चाहिए।

उन्होंने महावीरायतन फाउंडेशन की सराहना करते हुए कहा कि संस्था समाज में संवाद, नैतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान जन-जन तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने में सफल होगा। अंत में राज्यपाल ने सभी से ऐसा भारत बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया, जहां संवाद, सद्भाव, समरसता और अहिंसा जीवन के मूल मूल्य बनें।