देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” की भावना को आगे बढ़ाते हुए प्रदेशभर में 4 जुलाई 2026 से 18 जुलाई 2026 तक 15 दिवसीय ‘सेवा पखवाड़ा’ आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह अभियान “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के दूसरे चरण के तहत संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आम जनता तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना, जनसमस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा शासन और जनता के बीच संवाद को और अधिक मजबूत बनाना है।
राज्य सरकार के निर्देशानुसार सेवा पखवाड़े के दौरान विभिन्न विभाग अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे। साथ ही पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सरकार की विकास योजनाओं, उपलब्धियों और जनहितकारी कार्यक्रमों की जानकारी भी इस दौरान गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।
अभियान के तहत प्रदेश के जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष बहुद्देशीय शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी एक ही स्थान पर मौजूद रहेंगे तथा लोगों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करेंगे। इसके अलावा पात्र नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवेदन, सत्यापन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं भी शिविरों में पूरी की जाएंगी।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सेवा पखवाड़े के सभी कार्यक्रम समयबद्ध, प्रभावी और जनसहभागिता के साथ आयोजित किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान का उद्देश्य अधिकतम लोगों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, इसलिए प्रत्येक विभाग पूरी गंभीरता और समन्वय के साथ कार्य करे।
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए हैं कि अभियान के प्रथम चरण में जिन स्थानों पर पहले ही बहुद्देशीय शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, वहां दोबारा शिविर न लगाए जाएं। इसके बजाय ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए जहां अभी तक सरकारी सेवाएं या योजनाओं का लाभ पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पाया है।
राज्य सरकार का मानना है कि सेवा पखवाड़ा केवल योजनाओं के प्रचार का अभियान नहीं, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी है। इस पहल के जरिए अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने, जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने और सुशासन की अवधारणा को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास किया जाएगा।