देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस‘ की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने योग के महत्व, वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती पहचान और उत्तराखंड सरकार के प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और अथक प्रयासों के कारण ही आज योग को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिली है। आज दुनिया के अधिकांश देशों में करोड़ों लोग योग को अपनी दिनचर्या और जीवनशैली का हिस्सा बना रहे हैं। योग अब भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर एक सशक्त समाज का आधार और मानवता के कल्याण का वैश्विक माध्यम बन चुका है। योग के कारण आज वैश्विक पटल पर भारत की एक विशिष्ट पहचान बनी है और पूरी दुनिया इस प्राचीन ज्ञान के लिए भारत की ओर देख रही है।
मुख्यमंत्री ने महान ऋषि पतंजलि का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने योग के माध्यम से संसार को जीने की सही राह दिखाई है। योग का नियमित अभ्यास शरीर, श्वास और मन को आपस में जोड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह तन, मन और आत्मा का समन्वय है। नियमित योगाभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है, जीवन में संतुलन बना रहता है और यह असंभव लक्ष्यों को प्राप्त करने में विशेष भूमिका निभाता है। यह पूरी मनुष्यता को हमारे ऋषि-मुनियों की एक अनमोल देन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदियों से योग, आध्यात्मिक साधना और ऋषि-मुनियों की तपस्थली रही है। यहाँ का प्राकृतिक वातावरण और समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा पूरी मानवता को स्वास्थ्य, संतुलन और सकारात्मक जीवन का संदेश देती है। राज्य को योग के वैश्विक मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उत्तराखंड को योग, आयुर्वेद, वेलनेस और प्राकृतिक चिकित्सा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य जारी है। नई योग नीति’ के माध्यम से योग एवं ध्यान केंद्रों को प्रोत्साहित कर रही है। योग प्रशिक्षकों (Yoga Instructors) को सहयोग दिया जा रहा है और योग व वेलनेस पर आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि प्रतिदिन योग को अपने जीवन में अपनाएं। एक स्वस्थ और अनुशासित जीवनशैली का पालन करें। नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान दें। योग के इस कल्याणकारी संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लें। प्रदेश के युवा योग को एक ‘जनांदोलन’ का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और एक स्वस्थ, समृद्ध व सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय सहभागी बनेंगे।