देहरादून। नगर निगम, देहरादून द्वारा शहर में अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध सख्त एवं प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विगत एक माह के दौरान नगर निगम क्षेत्रांतर्गत व्यापक स्तर पर कार्रवाई करते हुए अनेक स्थानों पर सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। साथ ही अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सार्वजनिक संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।

अभियान के अंतर्गत मौजा नत्थनपुर स्थित खसरा संख्या-8 में अवैध रूप से निर्मित बाउंड्रीवाल को ध्वस्त करते हुए लगभग 860 वर्ग मीटर भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। पेरिस विहार (खसरा संख्या-102) में 4 अवैध मकानों को ध्वस्त कर निगम द्वारा भूमि पर पुनः कब्जा स्थापित किया गया।
इसी प्रकार ब्राह्मणवाला खाला क्षेत्र में 300 वर्ग मीटर एवं 150 वर्ग मीटर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर निगम द्वारा स्वामित्व बोर्ड स्थापित किए गए। कंडोली क्षेत्र में भी लगभग 400 वर्ग मीटर भूमि को कब्जामुक्त कर निगम ने अपने स्वामित्व को चिन्हित किया।
मक्कावाला क्षेत्र में निगम भूमि पर हो रहे अवैध निर्माण को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त किया गया। वहीं नवादा क्षेत्र में निगम द्वारा निर्मित मार्ग पर अवैध रूप से लगाए गए गेट एवं बाउंड्रीवाल को हटाकर सार्वजनिक आवागमन को पुनः सुचारू किया गया, जिससे स्थानीय निवासियों को मार्ग का लाभ मिल सका।
चकतुंवाला क्षेत्र में नालों से अतिक्रमण हटाकर जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया। इसके अतिरिक्त नेहरूग्राम, इंद्रपुर, बसंत विहार, सेमाद्वार, सालन गांव एवं शिवालिक नगर क्षेत्रों में भी निगम की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
नगर निगम, देहरादून द्वारा अतिक्रमण के विरुध कार्यवाही में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित किये जाने के हेतु “अनु-पोर्टल“ विकसित किया गया है।
भूमि अनुभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अथवा निर्माण पाए जाने पर बिना पूर्व सूचना के कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अतिक्रमण की पुनरावृत्ति होने पर पब्लिक न्यूसेन्स से संबंधित धाराओं के अंतर्गत कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
नगर निगम द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें एवं शहर को स्वच्छ, सुव्यवस्थित तथा अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने में सहयोग प्रदान करें।
निगम का यह सघन अभियान निरंतर जारी रहेगा तथा शहर में अतिक्रमण के विरुद्ध “शून्य सहनशीलता” की नीति को पूर्ण सख्ती के साथ लागू किया जाएगा।
