देवभूमि परिवार आईडी में 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठ महिला होगी ‘मुखिया’, सीएम धामी ने पेश किया ब्लूप्रिंट

भराड़ीसैंण, 10 मार्च। प्रदेश में कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन की दिशा में सरकार ने मंगलवार को देवभूमि परिवार विधेयक सदन में पेश किया। विधेयक के कानून का रूप लेने पर राज्य में एकीकृत एवं सत्यापित परिवार-आधारित डेटाबेस “देवभूमि परिवार” की स्थापना की जाएगी। इसका उद्देश्य विभिन्न विभागों में बिखरे लाभार्थी आंकड़ों को एक मंच पर समेकित कर योजनाओं के संचालन को अधिक समन्वित, पारदर्शी और लक्ष्योन्मुखी बनाना है।

विधेयक के प्रावधानों के अनुसार देवभूमि परिवार आईडी में परिवार के मुखिया के रूप में 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य का नाम दर्ज किया जाएगा। वर्तमान में राज्य के विभिन्न विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लिए अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं, जिससे आंकड़ों के दोहराव, बार-बार सत्यापन और विभागीय समन्वय की कमी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। नई व्यवस्था के तहत एक परिवार-स्तरीय डेटा भंडार स्थापित किया जाएगा, जो विभिन्न विभागों के लिए लाभार्थी संबंधी सूचनाओं का “सिंगल सोर्स ऑफ ट्रुथ” होगा।

सरकार के अनुसार डेटा प्रबंधन, संरक्षण एवं संरचनात्मक सुधारों के लिए उपयुक्त संस्थागत तंत्र गठित किया जाएगा तथा विभागों के बीच सुरक्षित और विनियमित डेटा आदान-प्रदान की व्यवस्था विकसित की जाएगी। पूरी प्रणाली डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप संचालित होगी, ताकि नागरिकों की सहमति, पारदर्शिता और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि परिवार विधेयक-2026 सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि, संसाधनों के बेहतर उपयोग और जरूरतमंद परिवारों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

इस दौरान सदन में उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक–2026, उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (संशोधन) विधेयक–2026 सहित अन्य संशोधन विधेयक भी प्रस्तुत किए गए।

ये विधेयक भी हुए प्रस्तुत

-उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक – 2026

-उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (संशोधन) विधेयक – 2026

-उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिनियम, 1993) (संशोधन) विधेयक – 2026 -उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026

-उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026

-उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक – 2026

-उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक – 2026

-उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक – 2026

-उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक – 2026