देहरादून: राजा रोड स्थित साधुराम इंटर कॉलेज में संचालित इंटेंसिव केयर सेंटर (ICC) में आज बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। पीले वस्त्रों और फूलों से सजे केंद्र में बच्चों ने माँ सरस्वती की वंदना की और ज्ञान के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। यह आयोजन मात्र एक उत्सव नहीं था, बल्कि उन बच्चों के जीवन में आए बदलाव की गवाही थी जो कभी सड़कों पर बदहाली का जीवन जीने को मजबूर थे।
आज दून में खराब मौसम और बारिश के बावजूद बच्चों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। केंद्र की दैनिक क्षमता 50 विद्यार्थियों की है, जिसमें से आज 48 बच्चों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यह उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया यह केंद्र अब इन बच्चों के लिए केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि उनके सपनों का घर बन चुका है।
ICC उन बच्चों के लिए आशा की एक नई किरण बनकर उभरा है जो पहले सड़कों और चौराहों पर मदद मांगने वाले हाथ अब स्लेट और पेंसिल थामे हुए हैं। छोटे-मोटे कामों में फंसे बच्चों को अब अपनी उम्र के हिसाब से खेलने और पढ़ने का अवसर मिल रहा है। गंदगी के बीच भविष्य तलाश रहे बच्चों को अब अनुशासन और स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जा रहा है।
केंद्र में बच्चों को न केवल बुनियादी शिक्षा से जोड़ा जा रहा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और अनुशासन पर भी विशेष कार्य किया जा रहा है। बसंत पंचमी के अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया, जिससे उनके व्यक्तित्व विकास की झलक साफ दिखाई दी।
जिलाधिकारी देहरादून के निर्देशन में संचालित यह ICC सेंटर आज ‘स्कूल ड्रॉपआउट’ बच्चों को मुख्यधारा में लाने का सबसे प्रभावी मॉडल साबित हो रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि इन बच्चों को प्रारंभिक आधार देकर नियमित स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाए ताकि इनका भविष्य पूरी तरह उज्ज्वल हो सके।
