27 साल ऐतिहासिक सेवा के बाद सुनीता विलियम्स नासा से रिटायर

नई दिल्ली: NASA की मशहूर अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 27 साल की लंबी और ऐतिहासिक सेवा के बाद एजेंसी से रिटायरमेंट ले लिया है। उनका रिटायरमेंट 27 दिसंबर 2025 से प्रभावी हुआ । सुनीता ने अपने करियर में अंतरराष्ट्रीय अंतररिक्ष स्टेशन (ISS) पर तीन मिशन पूरे किए और मानव अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में कई कीर्तिमान स्थापित किए। सुनीता विलियम्स ने कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए, जो किसी भी NASA अंतरिक्ष यात्री द्वारा बिताए गए कुल समय में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने नौ स्पेसवॉक किए, जिनकी कुल अवधि 62 घंटे 6 मिनट रही। यह किसी महिला अंतरिक्ष यात्री द्वारा किया गया सबसे अधिक स्पेसवॉक समय है, जबकि कुल मिलाकर वह इस सूची में चौथे स्थान पर हैं। इसके अलावा वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली इंसान भी बनीं।

बता दें कि सुनीता विलियम्स ने पहली बार दिसंबर 2006 में स्पेस शटल डिस्कवरी में उड़ान भरी थी। इसके बाद 2012 में उन्होंने कजाखस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से अंतरिक्ष की यात्रा की और अंतरिक्ष स्टेशन की कमांडर भी रहीं। हाल ही में वह जून 2024 में बोइंग स्टारलाइनर मिशन के तहत अंतरिक्ष गई थीं और मार्च 2025 में धरती पर लौटीं।

जून 2024 में सुनीता विलियम्स और उनके साथी बैरी बुच विलमोर सिर्फ 8 दिनों के लिए अंतरिक्ष गए थे। वे बोइंग कंपनी के नए स्टारलाइनर यान की जांच करने के लिए निकले थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। यान के इंजन में खराबी आ गई और हीलियम गैस लीक होने लगी। इस वजह से वे धरती पर वापस नहीं लौट सके और उन्हें 9 महीने से ज्यादा समय तक ISS पर रुकना पड़ा। अंतरिक्ष यात्री बनने से पहले वे नौसेना में पायलट थीं और उसी अनुभव की वजह से वे अंतरिक्ष में आने वाली मुश्किलों और भारी दबाव के बीच शांत रह सकीं।

सुनीता की रिटायरमेंट पर NASA के नए प्रमुख जेरेड आइजैकमान ने उनकी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि, सुनीता अंतरिक्ष की दुनिया की एक महान खिलाड़ी हैं और उन्होंने सुनीता को उनके शानदार करियर और रिटायरमेंट के लिए बधाई देते हुए कहा कि वह इस आराम की हकदार हैं।