रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड, फिल्म ने बंपर की कमाई

मुंबई: रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर रिलीज हो गई है। यह फिल्म रिलीज से पहले ही काफी चर्चा में बनी हुई थी। फिल्म में रणवीर सिंह एक रॉ एजेंट की भूमिका में हैं, जिसका कोडनेम द रैथ ऑफ गॉड है। रणवीर सिंह के अलावा फिल्म में संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, अक्षय खन्ना और आर माधवन प्रमुख भूमिकाओं में हैं। वो (पाकिस्तान) भारत के खिलाफ नींद में भी सोचे तो उनके ख्वाब में हम पहले नजर आने चाहिए। फिल्म की शुरुआत इस डायलॉग से होना और अंत नया भारत है, घर में घुसकर मारेगा। इससे साफ हो जाता है कि फिल्म धुरंधर क्या कहना चाहती है, क्या करना चाहती है। फिल्म ने रिलीज होते ही धमाल मचा दिया है। ओपनिंग डे पर ही फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर गर्दा उड़ा दिया है यानी फिल्म ने बंपर कमाई कर डाली है। रणवीर सिंह के करियर की यह चौथी सबसे बड़ी ओपनिंग वाली फिल्म बन गई है।

तगड़ी एडवांस बुकिंग के बाद ‘धुरंधर’ ने पहले दिन उम्मीद से भी अधिक कमाई की है। ‘धुरंधर’ साल की मोस्‍ट अवेटेड फिल्‍म थी। फिल्म को लेकर जबरदस्‍त हाइप थी। जबकि पहले दिन सुबह के शोज के बाद फिल्म को मिली तारीफ के कारण दोपहर, शाम और रात के शोज में दर्शकों की भारी भीड़ नजर आई। आदित्‍य धर के डायरेक्‍शन में बनी ‘धुरंधर’ का बजट 280 करोड़ रुपए है। इसने रिलीज से पहले एडवांस बुकिंग से ही 9.23 करोड़ रुपए कमा लिए थे। प्री-बुकिंग से यह कमाई तब हुई, जब इसके अधिकतर शोज की एडवांस बुकिंग गुरुवार को ही शुरू हुई।

फिल्म की कहानी की कंधार हाईजैक से शुरू होती है। इस वारदात के बाद आईबी चीफ अजय सान्याल (आर. माधवन) ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहते हैं, मगर सरकारी पचड़ों के कारण उनके हाथ बंधे हुए हैं। पर जब आतंकवादी देश की संसद को निशाना बनाते हैं, तब सरकार को अजय सान्याल के ‘ऑपरेशन धुरंधर’ को हरी झंडी देनी पड़ती है। इस ऑपरेशन के लिए हमज़ा (रणवीर सिंह) को चुना जाता है, वो अफगानिस्तान के रास्ते से पाकिस्तान में अपनी घुसपैठ करता है और मोहम्मद आलम (गौरव गेरा) के जरिए बलूच समुदाय के खौफनाक और कुख्यात गैंगस्टर रहमान डकैत (अक्षय खन्ना) के करीब पहुंचता है।

हमज़ा, एक गैंगवार में रहमान डकैत के बेटे की जान बचाकर उसका खासमखास बन जाता है। वह सरहद पार ल्‍यारी क्षेत्र में गैंगवार की परतों को उधेड़ने के काम पर लगता है। वह मिशन के दौरान सत्ता के लालची नेता जमील यमाली (राकेश बेदी) की बेटी एलीना (सारा अर्जुन) को भी अपने मकसद के लिए इस्तेमाल करता है। हमज़ा और एलीना का निकाह हो जाता है। लेकिन इस मिशन में आगे उसका सामना होता है आईएसआई चीफ मेजर इकबाल (अर्जुन रामपाल) से, जो उसकी आंखों के सामने 26/11 हमला करवाता है। उधर कुर्सी को बचाने के चक्कर में जमील यमाली, एसपी चौधरी असलम (संजय दत्त) को रहमान को खत्म करने का ऑफर देता है। असलम, बलूचों का सबसे बड़ा दुश्मन है। अब हमज़ा ने दुश्मन के किले में सेंध तो लगा ली है, उसके नेटवर्क को ध्वस्त करने की शुरुआत भी कर दी है, लेकिन क्लाइमैक्स फिर एक ऐसे मोड़ पर पहुंचता है, जहां से फिल्म के पार्ट 2 का खुलासा होता है।

अभिनय और किरदारों के मामले में फिल्म जबरदस्त है। छोटे कलाकार हों या बड़े स्टार्स, हर कोई अपने किरदार में चमका है। हमज़ा के रोल में रणवीर सिंह अपनी एनर्जी और इंटेंसिटी से लगातार छाए रहते हैं। एक्शन दृश्यों और आंखों से किए गए अभिनय में वे गहरी छाप छोड़ जाते हैं। अपनी छोटी-सी भूमिका में आर माधवन अपना प्रभाव छोड़ जाते हैं। मगर रहमान डकैत के रूप में अक्षय खन्ना महफिल लूट ले जाते हैं। संजय दत्त ने एसपी असलम चैधरी के रोल को गहराई दी है, तो आईएसआई के मेजर इकबाल के रोल में अर्जुन रामपाल क्रूरता से सिहरन पैदा करते हैं। एलीना के रोल में सारा अर्जुन ने अपनी भूमिका के साथ इंसाफ किया है। जमील यमाली के रोल में राकेश बेदी ने यादगार काम किया है, तो मोहम्मद आलम की भूमिका में गौरव गेरा और उजैर बलूच के चरित्र में दानिश पंडोर अच्छा साथ देते हैं।

आदित्य धर फिल्म ने निर्माता के साथ निर्देशक और लेखक की जिम्मेदारी बहुत ही कमाल संभाली है। वो केवल एक इंटेलिजेंट निर्देशक ही नहीं, बुद्धिमान राइटर भी हैं। इस फिल्म को लिखना यकीनन उनके लिए चैलेंजिंग रहा होगा, क्योंकि इसमें बहुत सी चीजें साथ चलती हैं। फ़िल्म में उन्होंने हर कैरेक्टर को जगह दी है, आप उन्हें भूल ना जाये इसलिए हर किसी के नाम स्क्रीन पर आते हैं। धुरंधर का पार्ट 2 अगले साल आएगा वो भी अंत में बता दिया गया है। कभी-कभी धैर्य का टूटना देश के लिए अच्छा हो सकता है। किस्मत की सबसे खूबसूरत आदत पता है क्या है, वो वक्त आने पर बदलती है. हमारा भी वक्त आएगा जैसे डायलॉग्स दमदार हैं।