देहरादून: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) द्वारा किए जा रहे आढ़त बाजार शिफ्टिंग और सड़क चौड़ीकरण जैसे महत्वपूर्ण जनहित कार्यों में प्रभावित संपत्तिधारकों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बुधवार को इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए बताया कि विस्थापन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि जनहित के इन बड़े कार्यों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रभावित संपत्तिधारक को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके लिए एक पारदर्शी और त्वरित प्रक्रिया अपनाई जा रही है। “हमारा प्रमुख लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध कार्य है। प्रभावित संपत्तिधारकों को समय पर उचित मुआवजा और भूखंड आवंटन दिया जा रहा है ताकि वे बिना किसी विलंब के अपना कारोबार फिर से स्थापित कर सकें।”
उपायुक्त ने बताया कि मुआवजे और भूखंड आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे लाभार्थियों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। हर कदम पर पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है, ताकि आवंटन और भुगतान की स्थिति सभी के लिए सुलभ हो।
तिवारी ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण का कार्य शहर के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में यह परियोजना यातायात दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे शहरवासियों को लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
चौड़ी सड़कों से वाहनों की आवाजाही आसान होगी। चौड़ीकरण के साथ-साथ क्षेत्र का स्वरूप निखारने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सड़क के दोनों ओर फुटपाथ का निर्माण किया जाएगा। क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था को सुधारा जाएगा। समग्र सौंदर्यीकरण कार्य से क्षेत्र की पहचान एक आधुनिक व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित होगी।
एमडीडीए उपाध्यक्ष ने सभी संबंधित विभागों को इस परियोजना को समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि देहरादून के नागरिकों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
