देहरादून: उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business – EODB) के तहत क्रियान्वित की जा रही व्यापार सुधार कार्ययोजना (Business Reform Action Plan – BRAP 2024) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश के शीर्ष राज्यों में अपनी जगह बनाई है। राज्य को ‘टॉप अचीवर्स’ श्रेणी का प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित ‘उद्योग समागम 2025’ कार्यक्रम में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। उत्तराखंड की ओर से उद्योग सचिव विनय शंकर पांडेय और महानिदेशक एवं आयुक्त उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से यह सम्मान प्राप्त किया।
उत्तराखंड को यह सर्वोच्च सम्मान पाँच प्रमुख सुधार श्रेणियों में किए गए बेहतर और प्रभावी कार्य के लिए मिला है, जो राज्य में व्यापार सुगमता यात्रा (EODB journey) में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ये पाँच श्रेणियाँ इस प्रकार हैं:
व्यवसाय प्रवेश सक्षमकर्ता: नए व्यवसायों को शुरू करने की प्रक्रियाओं को सरल बनाना।
निर्माण परमिट सक्षमकर्ता: भवन निर्माण से संबंधित अनुमतियों और प्रक्रियाओं को सुगम बनाना।
पर्यावरण पंजीकरण: पर्यावरण संबंधी अनुमतियों और पंजीकरण प्रक्रियाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाना।
निवेश सक्षमकर्ता: निवेशकों को आकर्षित करने और उनकी परियोजनाओं को सहयोग देने के लिए नीतियाँ बनाना।
श्रम विनियमन सक्षमकर्ता: श्रम कानूनों के अनुपालन और उनसे जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाना।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि BRAP 2024 में सर्वाधिक पुरस्कार मिलना राज्य की नीतिगत पारदर्शिता, उद्योग-अनुकूल वातावरण और निवेशकों के अटूट विश्वास का प्रमाण है।
“हमारा लक्ष्य राज्य को औद्योगिक निवेश के लिए देश का अग्रणी गंतव्य बनाना है। औद्योगिक विकास प्रदेश की समृद्धि और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का माध्यम बन रहा है। BRAP 2024 में शीर्ष राज्यों में स्थान पाना राज्य की आर्थिक ग्रोथ को नई गति देगा।” राज्य ने इन सुधारों को हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उद्योग सचिव विनय शंकर पांडेय के अनुसार, राज्य ने पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ावा देते हुए संपूर्ण अनुमोदन जीवनचक्र (आवेदन से लेकर ऑनलाइन भुगतान, रियलटाइम ट्रैकिंग, अंतिम मंजूरी, नवीनीकरण और प्रोत्साहन वितरण तक) का डिजिटलीकरण किया है।
राज्य के 20 से अधिक विभागों की 200 से अधिक सेवाएँ अब सिंगल विंडो सिस्टम (Single Window System) के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे भौतिक संपर्क बिंदुओं में कमी आई है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। राजस्व, श्रम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विकास प्राधिकरण, वन, सिंचाई, जल संस्थान और विद्युत जैसे प्रमुख विभागों को इस प्रणाली में एकीकृत किया गया है।
निवेशकों की सहायता के लिए उत्तराखंड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट, स्टार्टअप एंड एन्त्रप्रेन्योरशिप (UK-SPISE) की स्थापना भी की गई है। इन प्रयासों से उत्तराखंड की EODB रैंकिंग में एक बड़ी छलांग आई है। जहाँ 2015 में राज्य 23वें स्थान पर था, वहीं अब यह राष्ट्रीय स्तर पर टॉप अचीवर्स में शामिल हो गया है। इन सुधारों का उद्देश्य केवल निवेश को बढ़ाना नहीं, बल्कि पारिस्थितिक अखंडता और समान विकास को भी सुनिश्चित करना है।
