उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष का खास आयोजन: दूसरा प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन 5 नवंबर को दून विश्वविद्यालय में

देहरादून: उत्तराखंड राज्य के स्थापना के रजत जयंती वर्ष (25 वर्ष) के उपलक्ष्य में, राज्य सरकार द्वारा दूसरा प्रवासी उत्तराखण्डी सम्मेलन आगामी 5 नवम्बर, 2025 को देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय के नित्यानंद ऑडिटोरियम में आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश में रह रहे उत्तराखंड के प्रवासियों को उनकी मातृभूमि की विकास यात्रा से जोड़ना और राज्य की भावी दिशा एवं दशा पर उनके अनुभवों और सुझावों पर मंथन करना है।

सम्मेलन का शुभारंभ सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। मुख्यमंत्री धामी लगभग एक घंटे तक प्रवासियों के साथ सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान प्रवासी उत्तराखंडी अपने अनुभवों को साझा करेंगे और राज्य के विकास को लेकर अपने महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत करेंगे। मुख्यमंत्री धामी ने प्रवासियों को राज्य की “अमूल्य धरोहर” बताया है और उनके सुझावों को विकास के रोडमैप के लिए मार्गदर्शक बताया है।

पहला सत्र पर्यावरण पर केंद्रित रहेगा। इसके लिए वन विभाग के पीसीसीएफ (PCCF) श्री एस.पी. सुबुद्धि को नोडल अधिकारी बनाया गया है। दूसरा सत्र स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित होगा। इसकी जिम्मेदारी दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल को सौंपी गई है।

यह सम्मेलन पिछले वर्ष मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक वार्षिक परंपरा के रूप में शुरू हुआ था। इस वर्ष उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, झारखंड सहित विभिन्न राज्यों से 200 से अधिक प्रतिभागियों ने अपना पंजीकरण कराया है। पंजीकरण प्रक्रिया 24 अक्तूबर की देर रात तक प्रवासी उत्तराखंड प्रकोष्ठ की आधिकारिक वेबसाइट www.pravasiuttarakhandi.uk.gov.in पर जारी रहेगी।

सम्मेलन का समापन एक सांस्कृतिक संध्या के साथ किया जाएगा, जो उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित करेगी। मुख्यमंत्री धामी ने अपील की है कि सभी प्रवासी उत्तराखंडी इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में बढ़-चढ़कर भाग लें, ताकि उनके विचारों और अनुभवों से “उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य” बनाने के संकल्प को मजबूती मिल सके।