चमोली: उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर शुरू की गई एयर एंबुलेंस सेवा एक बार फिर जीवन रक्षक बनकर सामने आई है। बीते गुरुवार को चमोली जनपद के देवखाल के पास हुए एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए युवक अंबुज त्रिपाठी (24 वर्ष) को तत्काल उपचार के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से हायर सेंटर (ऋषिकेश एम्स) भेजा गया है।
ग्राम पंचायत विशाल के पाव गांव निवासी अरविंद त्रिपाठी का परिवार दिवाली मनाकर ससुराल देवखाल से अपने गांव लौट रहा था, तभी उनकी कार खाई में गिरकर अटक गई और उसमें आग लग गई।
दुर्घटना में घायल हुए लोगों में अरविंद त्रिपाठी के बड़े बेटे अंबुज त्रिपाठी को गंभीर चोटें आईं और वह आंशिक रूप से झुलस गए थे। दुर्भाग्य से, इस हादसे में अरविंद त्रिपाठी और उनकी पत्नी अनीता त्रिपाठी (या कार चालक) समेत एक छोटे बेटे अनंत त्रिपाठी की जलकर मौत हो गई थी।
ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायल अंबुज और अन्य घायलों को तत्काल जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुँचाया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने अंबुज की गंभीर स्थिति (झुलसने और सिर/शरीर में गंभीर चोट) को देखते हुए उन्हें तत्काल हायर सेंटर (एम्स ऋषिकेश) रेफर करने की सलाह दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत संचालित एयर एंबुलेंस सेवा को सक्रिय किया गया। गंभीर रूप से घायल अंबुज को गोपेश्वर से हेलीकॉप्टर (एयर एंबुलेंस) के माध्यम से त्वरित रूप से एम्स ऋषिकेश पहुँचाया गया, जहाँ उनका विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज शुरू कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने पहाड़ी क्षेत्रों की भौगोलिक चुनौतियों और सड़क मार्ग से हायर सेंटर पहुँचने में लगने वाले अत्यधिक समय को देखते हुए यह आपातकालीन एयर एंबुलेंस सेवा शुरू की थी। यह सेवा दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों के गंभीर रूप से घायल या बीमार लोगों के लिए एक संजीवनी साबित हो रही है, जिससे उन्हें ‘गोल्डन आवर’ (इलाज के लिए महत्वपूर्ण समय) के भीतर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल पा रही है।
जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि घायल अंबुज के इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और राज्य सरकार की ओर से उन्हें हरसंभव मदद प्रदान की जाएगी।
