नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत देने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 11,000 करोड़ रुपये है।
परियोजनाओं का विवरण
- द्वारका एक्सप्रेसवे (Dwarka Expressway): यह भारत का पहला 8-लेन एलिवेटेड अर्बन एक्सप्रेसवे है। यह 29 किलोमीटर लंबा है, जिसमें से 18.9 किलोमीटर हरियाणा में और 10.1 किलोमीटर दिल्ली में है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के द्वारका को हरियाणा के गुरुग्राम से जोड़ता है।
- उद्देश्य: इस एक्सप्रेसवे का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक के दबाव को कम करना है। इसके शुरू होने से गुरुग्राम के उद्योग विहार, मानेसर, और सोहना जैसे क्षेत्रों में आवागमन आसान हो जाएगा।
- विशेषताएं: इसमें ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए कई अंडरपास, फ्लाईओवर और सुरंगें बनाई गई हैं।
- अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2): यह 38 किलोमीटर लंबा एक नया एक्सप्रेसवे है जो दिल्ली के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों को आपस में जोड़ता है। यह सड़क दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के साथ-साथ एयरपोर्ट और नेशनल हाईवे-44 को भी जोड़ती है।
- उद्देश्य: इसका निर्माण रिंग रोड-3 के समानांतर किया गया है। इसका लक्ष्य बाहरी दिल्ली के ट्रैफिक को कम करना और इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) तक पहुँच को आसान बनाना है।
- विशेषताएं: यह सड़क कई जगहों पर नेशनल हाईवे से जुड़ती है, जिससे ट्रैफिक को बाईपास करने में मदद मिलेगी।
परियोजनाओं का महत्व
इन दोनों परियोजनाओं का उद्घाटन दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है। ये न केवल ट्रैफिक को कम करेंगी, बल्कि यात्रा के समय को भी काफी हद तक घटा देंगी। इन एक्सप्रेसवे से दिल्ली और हरियाणा के बीच आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर कहा कि सरकार का लक्ष्य देश में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करना है ताकि लोगों को यात्रा में कम समय लगे और उनका जीवन आसान हो सके।
