धामी के नेतृत्व में चमोली का सारकोट गांव बना उत्तराखण्ड का ‘आदर्श गांव’

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व में, चमोली जिले का सारकोट गांव उत्तराखण्ड का एक आदर्श गांव बनने की राह पर है। यह गांव खेती, स्वरोजगार, पर्यटन और खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है और पूरे राज्य के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है।

विकास के मुख्य बिंदु:

  • खेती और स्वरोजगार: सारकोट गांव में आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाया जा रहा है। स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
  • पर्यटन: गांव के प्राकृतिक सौंदर्य का लाभ उठाते हुए इसे एक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे न केवल स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं, बल्कि गांव को भी एक नई पहचान मिल रही है।
  • खेल: सारकोट गांव खेलों के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहा है। यहां के युवाओं को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे वे शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।

यह पहल मुख्यमंत्री धामी के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसके तहत वह राज्य के गांवों को आत्मनिर्भर, समृद्ध और विकास का केंद्र बनाना चाहते हैं। सारकोट गांव का यह मॉडल अन्य गांवों को भी प्रेरणा दे रहा है कि वे अपने स्थानीय संसाधनों का उपयोग करके विकास की नई गाथा लिख सकते हैं।