उत्तराखण्ड में बिना शुल्क होगा विवाह पंजीकरण, सरकार ने UCC की समय सीमा 26 जनवरी 2026 तक बढ़ाई

देहरादून: उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत अब विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को और भी आसान बना दिया गया है। राज्य सरकार ने निःशुल्क विवाह पंजीकरण की समय सीमा को बढ़ा दिया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।

मुख्य बिंदु:

  • बढ़ी हुई समय सीमा: निःशुल्क विवाह पंजीकरण की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 26 जनवरी 2026 कर दिया गया है। इससे उन सभी जोड़ों को पर्याप्त समय मिलेगा जिन्होंने अब तक अपना विवाह पंजीकृत नहीं करवाया है।
  • अनिवार्य पंजीकरण: उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता के अनुसार, 26 मार्च 2010 के बाद हुए सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य है।
  • सरकार का उद्देश्य: इस समय सीमा को बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का हर नागरिक बिना किसी आर्थिक बोझ के इस कानून के तहत अपने विवाह का पंजीकरण करवा सके। इससे विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया में तेजी आएगी और कानून का पालन सुनिश्चित होगा।
  • लाभ लेने की अपील: सरकार ने सभी पात्र जोड़ों से अपील की है कि वे इस विस्तारित अवधि का लाभ उठाएं और अपने विवाह का पंजीकरण निःशुल्क करवाएं।

यह कदम राज्य सरकार द्वारा UCC को प्रभावी ढंग से लागू करने और सभी नागरिकों को समान अधिकार और सुरक्षा प्रदान करने के प्रयासों का एक हिस्सा है। इससे विवाह, तलाक, विरासत जैसे मामलों में कानूनी एकरूपता आएगी।