नई दिल्ली: रूस ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल की मॉस्को यात्रा को एक ‘अधिक न्यायपूर्ण’ और ‘टिकाऊ विश्व व्यवस्था’ की स्थापना के लिए महत्वपूर्ण बताया है. रूस के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी सर्गेई शोइगु ने कहा कि भारत और रूस मिलकर ‘एक नई, अधिक न्यायसंगत और टिकाऊ विश्व व्यवस्था’ बनाना चाहते हैं, जो अंतरराष्ट्रीय कानून की सर्वोच्चता सुनिश्चित करे और आधुनिक चुनौतियों का मुकाबला करे. यह बयान अमेरिका की टैरिफ नीतियों के संदर्भ में आया है.
डोभाल ने अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की, जिसमें रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु और राष्ट्रपति के सलाहकार यूरी उषाकोव भी मौजूद थे. डोभाल की यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय ऊर्जा और रक्षा संबंधों पर चर्चा करना और इस साल के अंत में पुतिन के भारत दौरे की तैयारी करना था. शोइगु ने भारत-रूस संबंधों को ‘मजबूत, भरोसेमंद और टाइम-टेस्टेड मैत्रीपूर्ण बंधन’ बताया और कहा कि ये संबंध मॉस्को के लिए ‘सर्वोपरि’ हैं.
डोभाल ने कहा कि वह राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे को लेकर ‘बेहद उत्साहित और प्रसन्न’ हैं और यह शिखर सम्मेलन दोनों देशों के संबंधों को एक नई दिशा देगा. इस दौरान, डोभाल ने बाहरी दबाव के बावजूद रूस के साथ सभी मोर्चों पर सहयोग जारी रखने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए निमंत्रण को पुतिन ने स्वीकार कर लिया है. रूस ने यह भी संकेत दिया कि वह अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के मॉस्को दौरे से जुड़े अपडेट भी डोभाल को देगा, जो पुतिन-ट्रंप मुलाकात की जमीन तैयार कर रहे हैं. इस संभावित मुलाकात के बाद ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी में भी बदलाव हो सकता है.
