हरिद्वार: पतंजलि विश्वविद्यालय में आज से दो दिवसीय तृतीय राष्ट्रीय स्वर्णशलाका प्रतियोगिता का भव्य आयोजन शुरू हो गया है। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से संस्कृत के प्रख्यात विद्वान, शास्त्रज्ञ, शोधार्थी और विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
यह प्रतियोगिता भारतीय शास्त्रीय परंपरा के गहन विमर्शों को एक मंच प्रदान करती है। इसमें न्याय दर्शन, व्याकरण सूत्र, वेद-वेदांत सहित प्रमुख शास्त्रों के सूत्रों और विचारों पर शास्त्रार्थ (वाद-विवाद) और वाक्यार्थ (अर्थ-विचार) प्रस्तुत किए जाएंगे।
पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं योगऋषि स्वामी रामदेव और कुलपति एवं आयुर्वेद शिरोमणि आचार्य बालकृष्ण भी इस अवसर पर उपस्थित रहकर विद्वानों को अपने आशीर्वचनों से लाभान्वित करेंगे।
प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना और उसमें नई चेतना का संचार करना है। यह वैचारिक सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करती है। कल, 1 अगस्त को प्रतियोगिता के समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।
