शिमलाः कुल्लू जिले की बात करें तो, मॉनसून की शुरुआत से अब तक (30 जुलाई 2025 तक) 17 लोगों की मौत हुई है और 48 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। कुल्लू की उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने इसकी पुष्टि की है। एहतियात के तौर पर दरमेधा गांव के 65 निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए स्थिति:
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के आंकड़ों के अनुसार, 20 जून से अब तक मॉनसून के कारण कुल 170 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से 94 मौतें सीधे तौर पर बारिश से संबंधित घटनाओं जैसे भूस्खलन, बाढ़, बादल फटना, डूबना और बिजली गिरने के कारण हुई हैं, जबकि 76 मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुई हैं।
पूरे राज्य में 1,538 करोड़ रुपये से अधिक का कुल नुकसान दर्ज किया गया है। 357 सड़कें (जिसमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल है), 182 बिजली ट्रांसफार्मर और 179 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हुई हैं। मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहाँ 259 सड़कें अवरुद्ध हैं, 172 ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं और 47 जल योजनाएं बाधित हैं। मंडी में प्राकृतिक आपदाओं और सड़क दुर्घटनाओं दोनों से सबसे अधिक मौतें भी हुई हैं।
मौसम विभाग ने अभी भी राज्य के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में और अधिक चुनौतियों की संभावना है। राहत और बचाव कार्य जारी हैं, जिसमें NDRF और SDRF की टीमें शामिल हैं।
