धर्म संस्कृतिः अक्सर लोग सावन शिवरात्रि को महाशिवरात्रि समझ लेते हैं, तो वहीं कुछ लोग मासिक शिवरात्रि और महाशिवरात्रि को एक मानते हैं. लेकिन इन दोनों में बहुत अंतर होता है. चलिए आपको बताते हैं कि सावन शिवरात्रि और महाशिवरात्रि में क्या अंतर है| महाशिवरात्रि और सावन शिवरात्रि दोनों ही भगवान शिव को समर्पित हैं, लेकिन दोनों में कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं. महाशिवरात्रि साल में एक बार मनाई जाती है, जबकि सावन शिवरात्रि सावन के महीने में आती है.
महाशिवरात्रि और सावन शिवरात्रि दोनों ही भगवान शिव को समर्पित हैं, लेकिन दोनों में कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं. महाशिवरात्रि साल में एक बार मनाई जाती है, जबकि सावन शिवरात्रि सावन के महीने में आती है| महाशिवरात्रि को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के रूप में मनाया जाता है, जबकि सावन शिवरात्रि को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए मनाया जाता है| महाशिवरात्रि को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के रूप में मनाया जाता है, जबकि सावन शिवरात्रि को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए मनाया जाता है|
महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. जबकि सावन महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को सावन शिवरात्रि मनाई जाती है. सावन शिवरात्रि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए एक विशेष अवसर है. महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. जबकि सावन महीने में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को सावन शिवरात्रि मनाई जाती है. सावन शिवरात्रि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए एक विशेष अवसर है.
धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे. वहीं, हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है, जिनमें से एक सावन शिवरात्रि भी है. धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे. वहीं, हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है, जिनमें से एक सावन शिवरात्रि भी है.
जहां सावन शिवरात्रि पर सिर्फ महादेव की पूजा की जाती है. वहीं, महाशिवरात्रि पर महादेव के साथ माता पार्वती की पूजा का भी विधान है. सावन शिवरात्रि पर पूजा करने से भगवान शिव की कृपा बरसती है. वहीं, महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है. जहां सावन शिवरात्रि पर सिर्फ महादेव की पूजा की जाती है. वहीं, महाशिवरात्रि पर महादेव के साथ माता पार्वती की पूजा का भी विधान है. सावन शिवरात्रि पर पूजा करने से भगवान शिव की कृपा बरसती है. वहीं, महाशिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है.
