सावन सोमवार 2025: भगवान शिव को समर्पित पवित्र महीना श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। यह देवों के देव महादेव का प्रिय महीना माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस महीने में अगर शिवलिंग पर श्रद्धापूर्वक एक लोटा जल भी चढ़ाया जाए तो भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। सावन में हर सोमवार का विशेष महत्व होता है। इस दिन व्रत रखना और शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री चढ़ाना बहुत पुण्यदायी माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं सावन के पहले सोमवार पर शिव की पूजा कैसे करनी चाहिए।
सावन का पहला सोमवार कब है? दृक पंचांग के अनुसार वर्ष 2025 में सावन मास की शुरुआत 11 जुलाई से चुकी और इसका समापन 9 अगस्त को होगा। इस बार सावन का पहला सोमवार 14 जुलाई 2025 को पड़ रहा है। किस समय करें जलाभिषेक? हालांकि पूरे दिन शिव पूजन किया जा सकता है, लेकिन विशेष फल की प्राप्ति के लिए शुभ मुहूर्तों में जलाभिषेक करना उत्तम माना गया है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04.11 से 04.52 बजे तक रहेगा, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:59 से 12:55 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही प्रदोष काल भी जलाभिषेक के लिए यह शुभ माना जाता है।
सोमवार को कैसे करें पूजन? इस दिन प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शिवलिंग की पूजा के लिए मंदिर जाएं या घर पर शिवलिंग स्थापित करके श्रद्धा और नियम से पूजन करें। शिवलिंग का अभिषेक जल, दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से करें। इसके बाद बेलपत्र, सफेद पुष्प, धतूरा, आक, अक्षत और भस्म अर्पित करें। फिर भगवान शिव को सफेद मिठाई का भोग लगाएं और तीन बार ताली बजाते हुए उनका नाम स्मरण करें। इन मंत्रों के साथ करें जलाभिषेक:
