इस्लामाबादः पाकिस्तान क्रिकेट में हर दिन कुछ नया देखने को मिलता है। कब कौन सा खिलाड़ी सुर्खियों में आ जाए, इसका कोई भरोसा नहीं। इस समय पाकिस्तान की टी20 टीम से कप्तान बाबर आजम और तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी बाहर चल रहे हैं। हालांकि, दोनों ने अभी तक टी20 क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है। अब सवाल यह है कि क्या ये दोनों जल्द ही टी20 इंटरनेशनल में वापसी कर पाएंगे? नए हेड कोच माइक हेसन ने इस मामले पर खुलकर बात की है और कई अहम खुलासे किए हैं।
बाबर का स्ट्राइक रेट सैम अयूब और फखर जमां से पीछे
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के हेड कोच माइक हेसन ने बताया कि बाबर आजम और शाहीन अफरीदी की टी20 इंटरनेशनल में वापसी की योजना बन रही है। उन्होंने कहा कि अगले साल भारत और श्रीलंका में होने वाले टी20 विश्व कप के लिए इन दोनों को अभी पूरी तरह से नजरअंदाज नहीं किया गया है। लेकिन बाबर आजम का मौजूदा टी20 स्ट्राइक रेट 129.81 है, जो फखर जमां (133.49) और सैम अयूब (138.48) से कम है। यही कारण है कि बाबर को टीम में जगह बनाने में दिक्कत हो रही है।
बाबर को तेज करना होगा बल्लेबाजी का अंदाज
माइक हेसन ने स्पष्ट किया कि अगर बाबर आजम को टी20 इंटरनेशनल में वापसी करनी है, तो उन्हें अपने स्ट्राइक रेट में सुधार करना होगा। उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट में स्ट्राइक रेट की भूमिका बहुत अहम है, जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। हेसन ने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान की टी20 रैंकिंग में गिरावट का एक बड़ा कारण बल्लेबाजों का कमजोर स्ट्राइक रेट है।
शाहीन को भी लाना होगा खेल में निखार
हेसन ने बाबर के साथ-साथ शाहीन अफरीदी को भी अपने प्रदर्शन में सुधार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बाबर ने हाल के समय में अपनी बल्लेबाजी पर काम किया है और कुछ हद तक सफलता भी मिली है, लेकिन अभी और मेहनत की जरूरत है। शाहीन के बारे में हेसन ने कहा कि वह विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं, लेकिन कुछ खास पहलुओं में सुधार की गुंजाइश है।
बांग्लादेश सीरीज में नहीं मिली जगह
बाबर आजम और शाहीन शाह अफरीदी उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने 2021 और 2022 टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के लिए शानदार प्रदर्शन किया था। उस समय टीम का प्रदर्शन भी काफी अच्छा रहा था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं, और इन दोनों को टीम में जगह नहीं मिल रही। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने जल्द ही होने वाली टी20 सीरीज के लिए अपनी टीम घोषित कर दी है, जिसमें बाबर और शाहीन का नाम शामिल नहीं है।

